ग्रामीण इस मौसम में विशेष सावधानी बरतें जहरीले सर्प घरों को बना रहे अपना अस्थाई ठिकाना

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इटावा। बरसात का मौसम आते ही जहरीले व पानी मे रहने वाले सर्पों के  निकलने और सर्प दंश की घटनाये आये दिन बढ़ती जा रही ही । इसी क्रम में आज जनपद में कचौरा रोड स्थित ग्राम चौगान में फूल सिंह राजपूत के घर के एक कमरे में 5 फुट से भी ज्यादा लम्बा खतरनाक स्पेक्टिकल कोबरा सर्प अचानक निकल आया और कमरे में बनी अलमारी की पतली मुंडेर पर जाकर बैठ गया । जब घर की महिला कुछ सामान लेने गई तो अचानक से वह फुसकारने लगा जिसे देखकर वह भयभीत हो गई उसके वाद पुलिस सहायता के लिये 112 नम्बर पर जब कॉल की गई तब वह कॉल सर्प मित्र डॉ आशीष  त्रिपाठी को टाँसफ़र हुई जिसके बाद तेज पानी बरसने के वावजूद भी बेहद खराब मौसम भींगते हुये ग्राम चौगान पहुँच कर डॉ आशीष द्वारा अकेले ही कोबरा का सफल रेस्क्यू कर लिया गया। रेस्क्यू के बाद डॉ आशीष द्वारा ग्रामीणों को जहरीले सर्पों की सरल पहचान की जानकारी दी गईं एवं इनसे बरसात के इस मौसम में सावधान रहने की भी अपील की गई। ग्रामीणों ने सर्प के पकड़ने के बाद राहत की सांस ली एवं डॉ आशीष को बेहद खराब मौसम में भी सहायता देने के लिये विशेष आभार व्यक्त किया। डॉ आशीष ने बताया कि, एक बेजुबान सर्प को पकड़ने के लिये किसी फौज की कोई जरूरत नही होती क्यों कि सर्प स्वयं ही डरा हुआ होता है ज्यादा भीड़ ही उसे आक्रोशित करती है। इसलिए में सभी स्नेक रेस्क्यू बिना किसी की सहायता के अकेले ही करता हूँ। केवल इस समय हम सभी को कोबरा और करैत जैसे जहरीले सर्पों से ही सावधान रहने की आवश्यकता है। बाकी निकलने वाले सर्प विषहीन है उनसे बेवजह डरने की कोई आवश्यकता नही है। जहरीले रसल वाइपर सर्प के निकलने की घटनाएं इस समय जनपद में न के बराबर ही है । यह संस्था ओशन के वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रमों के द्वारा की जा रही जागरूकता का ही असर है कि अब लोग सर्पों को मारना छोड़ चुके है व जनपद इटावा व उसके आसपास भी कहीं को कोई भी सर्प दिखाई देने पर सर्पमित्र डॉ आशीष को सूचित करते है। डॉ आशीष ने भी सभी से अपील की है कि सर्पों को वेवजह ही न मारें और किसी कारण सर्पदंश हो जाये तो कृपया हाथ या पैर जहाँ पर भी काटा हो वहाँ हल्का सा बंध (गांठ) लगाकर सीधे सैफई आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई के इमरजेंसी वार्ड में तुरंत ही मरीज को बिना यहाँ वहाँ समय व्यर्थ किये ले जायें जिससे की उसकी जान बच सके।

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