रिपोर्ट /जितेन्द्र कुमार अपराध संवाददाता सनशाइन समय
बस्ती। सरकार चाहे जिसकी रही हो पुलिस चाहे जो करें लेकिन छावनी थानाक्षेत्र में अवैध कच्ची शराब के व्यवसायी बेखौफ गावो मे जहर बेंचने से बाज नही आ रहे हैं इस बात का अन्दाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाघानाला मलौली गोसाई ताला गांव केनौना रामगढ़ धुसैनियां सहित दो दर्जन गाँवों मे दिन रात धड़ल्ले से कच्ची की दुकानें संचालित हो रही हैं। सरयू नदी का दियारा कच्ची शराब कारोबारियों के लिए सबसे सुरक्षित इलाका है ही यहाँ पर इस समय शराब की भट्ठियां धधकती देखी जा सकती हैं। करीब दर्जन भर गांवों में प्रतिदिन हजारों लीटर कच्ची शराब बनायी और बेची जा रही है।थाना क्षेत्र के छतौना ,संदलपुर , शिवपुर, भौसिया ,गौरियानैन , सीतारामपुर माझा,मड़ना माझा , सहित दर्जन भर गांवों में कच्ची शराब का धंधा कुटीर उद्योग के रूप में चल रहा है। यहां की महिलाए और बच्चे सराब बनाने के कार्य मे लगे है, यहां से बनने वाली शराब की सप्लाई क्षेत्र के गांवों के साथ ही पूरे जिले में होती है। इन दिनों भट्ठियां दिन-रात धधक रही हैं। जब कभी ऊपर से सख्ती होती है तो पुलिस व आबकारी विभाग सक्रिय होता है। कुछ अड्डों पर छापेमारी कर भट्ठी तोड़ते है और निर्मित शराब नष्ट करने के बाद सबकुछ शांत हो जाता है। छापेमारी में यदि कोई कारोबारी पकड़ा भी जाता है तो कुछ ही दिन बाद छूट भी जाता है। जानकारों का कहना है कि ऐसा सिर्फ पुलिस की लचर पैरवी के चलते ही होता है। वह चंद दिनों बाद ही छूट जाते है। सूत्रों की मानें तो इस कारोबार में कहीं न कहीं से पुलिस की संलिप्तता से इंकार नही किया जा सकता है।
इस सम्बन्ध में जिला आबकारी अधिकारी नवीन सिंह का कहना है कि लगातार कच्ची शराब के खिलाफ पुलिस व आबकारी की संयुकत टीम द्वारा व पुलिस द्वारा भी कार्यवाही की जा रही है और आगे भी जारी रहेगी। कार्यवाही की भनक लगते ही कारोबारी फरार हो जाते हैं । इस प्रकार की कहीं भी यदि जानकारी मिलती है तो कार्यवाही की जायेगी।

