आजादी के सिपाही सुभाष चंद्र बोस आजादी की जंग तो लड़े पर अब सड़क पर अकेले ही खड़े, एक छत भी मयस्सर नही।
अगस्त 15, 2021
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इटावा । जहाँ एक तरफ जनपद के सरकारी भवन आजादी के अमृत महोत्सव की पूर्व संध्या पर ही रोशनी से जगमगा रहे है वहीं दूसरी ओर देश की आजादी के लिये लड़े व अपनी जान देने वाले आजाद हिंद सेना के कमांडर रहे सुभाष चन्द्र बोस आज जसवन्तनगर में NH2 हाइवे के किनारे एक नगर पंचायत के नव निर्मित भवन के बाहर ही धूप और बरसात की मार झेलते हुये मात्र एक सड़क के चौकीदार बने खड़े हुये है, जिनपर किसी सरकारी आँख की नजर ही नही पड़ी और उनकी मूर्ति भी अब कुछ खण्डित हो गई है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि,पिछले कई महीनों से नेता जी ऐसे ही लावारिस रूप से सड़क किनारे खड़े है शायद इस इंतजार में कि आगामी 23 जनवरी 2022 तक कोई देशभक्त आयेगा और उनका स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने का सम्मान उन्हें वापस दिलायेगा । अब क्या कहा जाये जब आजादी के 74 साल बाद भी ऐसे विश्वप्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी देशभक्त की मूर्ति पर 15 अगस्त के दिन कोई एक मुट्ठी पुष्प भी चढ़ाने नही आया हो। बस आजादी के सालाना मुहूर्त पर कहीं दूर आजादी के जश्न का ढोल पीट कर बस माला पहनाकर भीड़ की फ़ोटो खींचकर कुछ चंद लोगों को ही याद कर लिया जाता है जनपद में स्वतंत्रता सेनानियो की मूर्तियों की ऐसी प्रशासनिक उपेक्षा बिल्कुल भी ठीक नही है। वही मूर्ति का कुछ हिस्सा भी टूटा हुआ व नीचे गंदगी भी पड़ी नजर आई। अब देखना होगा कि, इस महत्वपूर्ण खबर पर किस जिम्मेदार अधिकारी की नजर पहले पड़ती है।

