मेरुदंड रीढ़ शरीर का अद्भुत अंग - डॉ नवीन सिंह
सनशाइन समय बस्ती से मनीष मिश्र की रिपोर्ट
बस्ती। विश्व संवाद परिषद एवं शकुंतलम ट्रेडिशनल स्पाइन सेंटर के तत्वाधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय वेबीनार में विगत तीन दशक से योग आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में कार्यरत विश्व संवाद परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगाचार्य डॉ रमेश चंद्रा ने 2अगस्त को शकुंतलम ट्रेडिशनल स्पाइन केयर सेंटर नई दिल्ली की 12 वीं वर्षगांठ पर आयोजित स्पाइन पर वेबीनार में योग प्राकृतिक चिकित्सा द्वारा रीढ स्पाइन का इलाज विषय पर अपना वक्तव्य दिया। उन्होंने बताया मेरुदंड हमारे शरीर का अद्भुत अंग है, यह हमारे शरीर को सहारा प्रदान करती है, और आकार प्रदान करती है। इसको सही पोस्चर में रखना हमारा कर्तव्य है। आधुनिक जीवन शैली इस रोग का मुख्य कारण है ,जिसमें मोबाइल का अत्यधिक प्रयोग ,कंप्यूटर पर देर तक काम, ऊंची तकिया लगाकर सोना, टीवी देखना और तनाव प्रमुख हैं। इसी पर हमारी इडा ,पिडा और सुषुम्ना नाड़ियां स्थित है ,और हमारे मेरुदंड स्पाइनल कालम में उपस्थित मेरुरजजु स्पाइनल कॉर्ड से तमाम तंत्रिकाये निकलकर शरीर के एक-एक अंगों से संबंध रखती हैं। यह जितना लचीला होता है उतना ही शरीर स्वस्थ रहता है।इन्हीं से हमारे शरीर में मेरिडियन ऊर्जा प्रवाह पथ के रूप में नाडिया निकलकर समूचे शरीर में फैली हुई है जो समूचे शरीर में प्राण तत्व पहुंचा कर हमारे शरीर को ऊर्जावान एवं स्वस्थ रखती हैं। इसी पर हमारे चक्र भी विद्यमान है जो ऊर्जा के प्रमुख स्रोत है। प्राकृतिक चिकित्सा में रीढ का इलाज एक्यूप्रेशर, जल चिकित्सा हाइड्रोथेरेपी,अग्नि चिकित्सा एवं पृथ्वी चिकित्सा के साथ कर सकते हैं। जल चिकित्सा में दर्द वाली जगह पर गरम- ठंडा सेक, स्पाइनल बाथ, विभिन्न प्रेशर के साथ, स्थानीय सेक, काली मिट्टी ,जायफल और नमक को मिलाकर दर्द वाली जगह पर 30 मिनट तक पैक बनाकर रखना। और अपने जीवन शैली और दिनचर्या को सही कर सही पोज में उठना, बैठना, लेटना, सोना , वजन उठानाऔर नियमित योग -प्राणायाम, आसन एवं व्यायाम करके अपने रीड मेरुदंड को रोगों से मुक्त रख सकते हैं। प्रोफेसर डॉ नवीन सिंह ने एक्यूप्रेशर के माध्यम से पूरी रीड को हाथ की उंगलियों के एक एक जोड़ पर प्रतिस्थापित करके उन पर मेथी की पट्टी लगाकर रोगों का इलाज करने के बारे में बताया और एक स्वस्थ जीवन जीने की कला सिखाई। शकुंतलम स्पाइन केयर की डायरेक्टर एवं विश्व संवाद परिषद की दिल्ली प्रदेश की महासचिव बहन डॉ वंदना त्यागी एवं डॉ राजकुमार त्यागी द्वारा आयोजित इस वेबीनार में तमाम चिकित्सकों ने अपने व्याख्यान दिए जो पूरी तरह सफल रहा। आयुर्वेदाचार्य डॉ सुरेंद्र कुमार सैनी ने आयुर्वेद के महत्वपूर्ण आयाम बताएं बस्ती के बारे में आयुर्वेद में कितना महत्वपूर्ण है अगर बस्ती का प्रयोग होता है तो मानव निरोग हो सकता है इसी क्रम में दिल्ली अपोलो हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जन डॉ सुधीर त्यागी ने इस पर प्रकाश प्रकाश डालते हुए बताया कि स्पाइनल कालम गलत तरीके से बैठने उठने एवं सोने पर स्पाइनल डिजीज बढ़ती जा रही है अगर हम इस पर ध्यान दें तो ऑपरेशन से बच सकते हैं कार्यक्रम में डॉ पीयूष सहित तमाम मशहूर चिकित्सक शामिल रहे।

