दूसरे गांव में घुसकर मारपीट करने वाले हिस्ट्रीशीटर को पुलिस भला इंसान मानती है
(सनशाइन समय संवाददाता डॉ0 एस. बी. एस. चौहान)
-रात्रि के समय दूसरे गांव में बलपूर्वक प्रवेश कर दलित को मारने वाला हिस्ट्रीशीटर भला इंसान है, यह अपराधी व्यक्ति है? उच्च अधिकारियों के लिए यह तो जांच का विषय है। पुलिस अपनी जांच में इसे क्या दर्शाती है अब यह देखना होगा?
-पुलिस पर लगा हिस्ट्रीशीटर से मिलीभगत का आरोप
-थाना पुलिस समाचार प्रकाशन में आने के बाद लोगों के बयानात पलट वाने के लिए पुरजोर कोशिश जारी
चकरनगर/इटावा,22 जुलाई।चकरनगर में भरेह पुलिस की मनमानी का एक मामला इस समय खूब सुर्खियों में है। यहां दो पक्षों में विवाद के बाद सक्रिय हिस्ट्रीशीटर को पुलिस ने वइज्जत थाने से ही बरी कर दिया और दूसरे अनुसूचित जाति के गरीब युवक पर आरोप के मुताबिक चाकू लगाकर चालान कर दिया। पुलिस से तंग एक फरियादी को तो तहसील संपूर्ण समाधान दिवस में पुलिस के खिलाफ शिकायत दर्ज करानी पड़ी।
चकरनगर सर्किल के भरेह थाना क्षेत्र के गांव हरौली निवासी छोटू पुत्र वीरेन्द्र दोहरे ने आरोप लगाते हुए बताया कि 14 जुलाई की शांम करीब सात बजे वह मजदूरी कर अपने घर वापस लौट रहा था। इसी दौरान नीमाड़ाढा निवासी सक्रिय हिस्ट्रीशीटर आनंद कुमार निषाद उर्फ नंदू अपनी बाइक से आया और साइड न देने की बात कहते हुए मारपीट करने लगा। पीड़ित मार खाने के उपरांत घर चला गया और पीछे से पहुंची पुलिस उसके चचेरे भाई दीवान दोहरे पुत्र कन्हैया लाल सहित उसे थाने ले गई। पीड़ित का आरोप है कि चचेरे भाई की पुलिस के साथ कुछ बात बन गई, गरीब होने के नाते पीड़ित को पुलिस ने चाकू लगाकर जेल भेज दिया। हद तो तब हो गई, जब पुलिस ने सक्रिय हिस्ट्रीशीटर नंदू व उसके चचेरे भाई अखिलेश पुत्र बाल बटन को थाने से ही बाइज्जत बरी कर दिया। पीड़ित ने आगे बताया कि नंदू बड़ा शिकारी है। जो आए दिन यमुना व चंबल नदी में नौका से जाल डालकर मछली का अवैध शिकार करता है। जिसके चलते उसकी पुलिस से सांठगांठ रहती है। पीड़ित ने यह भी बताया कि उपरोक्त हिस्ट्रीशीटर शिकारी का कुछ दिन पूर्व नदी से जाल गायब हो गया था। उक्त जाल के शक में उपरोक्त द्वारा पीड़ित के साथ साइड न देने का बहाना लेकर मारपीट की गई थी।

