अपंजीकृत चिकित्सकों को चेक करने के बहाने लूटा जा रहा है
-अपंजीकृत चिकित्सकों को कानून बताने वाले खुद ही कर रहे कानून के साथ खिलवाड़, अपंजीकृत अस्पताल चलाकर कानून को दे रहे चकमा
-इतना ही नहीं और देखो अपने बोर्ड पर फर्जी डिग्री भी लिखवा, जनता के साथ कर रहे धोखाधड़ी
-खबर छापने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की दी जारहीं धमकियां
इटावा जिला में अफरातफरी का माहौल है जिला सी एम ओ कार्यालय से चार डिप्टी सी एम ओ(नोडल अधिकारी को नियुक्त किया गया इन सभी नोडल अधिकारियों को अपंजीकृत चिकित्सकों को चेक करने का जिम्मा सौंपा गया है, जिसमें महेवा और भर्थना में इन नोडल अधिकारियों ने अपंजीकृत चिकित्सकों से रूपये-पैसे ऐंठने हेतु वजरिए नोटिस जारी कर कमाना शुरू कर दिया है।
आपको बताते चलें कि पहले एक नोडल अधिकारी चेक करने आये उन्होंने 10000रूपये लेना शुरू कर दिया जब ये खबर बन कर चलने लगी तो आनन फानन में उन्हें हटाया गया फिर दूसरे महोदय आये उन्होंनें 50000रुपयों से शुरूआत कर 100000 रपये तक बसूली करने लगे इनकी खबर दैनिक आज में छपी तो इन्हें भी जल्दी से हटाया गया फिर इसके बाद तीसरे साहब आये यह भी दूसरे बाले साहब के नक्शे-कदम पर चलने लगे और उन्होंने भी 50000 रूपयों से कम में समझौता नहीं किया जबकि यही तीसरे बाले अपना एक प्राइवेट और निजी हास्पिटल चला रहे हैं ये हाॅस्पिटल इटावा में पचावली रोड पर स्थित है अरे साहब जी हद तो तब हो गई उस हाॅस्पिटल केे मैन बोर्ड पर डॉक्टर नाम के साथ MBBS गाइनेकोलॉजिस्ट और बच्चा रोग विषेषज्ञ लिखा हुआ है।जबकि वो डॉक्टर MBBS हैं ही नहीं। गुप्त जानकारी मिली है कि वो डॉक्टर BAMS हैं और हाॅस्पिटल भी पंजीकृत नहीं है जब साहब ही अपंजीकृत हाॅस्पिटल चला रहे हैं और जो डिग्री है ही नहीं उसको लिख कर चला रहे हैं अब जनता इटावा के मुख्य चिकित्साधिकारी महोदय से पूंछ रही है कि आप अपने चिकित्सकों से गलत करवा रहे हो और उन जिले के चिकित्सकों को जो लगन से ईमानदारी से कम रुपयों में जनता की सेवा कर रहे हैं इनके न होने पर स्वास्थ्य विभाग को मरीज संभालना मुश्किल हो जाएगा। इस स्थिति में उनसे पचास हजार और एक लाख की रकम मांगना वो भी हर बीस दिन बाद।
जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी जनता आपसे संभाल कर रही है कि ये चिकित्सक जनता की सेवा करके अपने परिवार का पेट भर रहे हैं और ये उद्योग पति नहीं है जो हर बीस दिन में पचास हजार और एक लाख रुपए देकर आपकी जेब भरें और जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी ये अपंजीकृत चिकित्सक जनता की सेवा कर अगर गुनहगार है तो आपके सरकारी हाॅस्पिटल में तैनात सरकारी डॉक्टर भी अपने अपने प्राइवेट हॉस्पिटल चला रहे हैं और तो और अपने हाॅस्पिटल के बोर्ड पर फर्जी डिग्री लिखबा रक्खी है उन पर कार्यवाही कब होगी, या वो नोडल अधिकारी अपंजीकृतों को चेक करने के नाम पर लूटते रहेंगे?

