शनिवार को बादल भी आजाद हो गए। मानसूनी बादल कहीं नजर नहीं आए। शाम को काली घटाएं जरूरी उमड़ी लेकिन वे भी गायब हो गईं। आसमान एकदम साफ था। सूर्य ने धरती पर मानों केसरिया रंग बिछा दिया। इसके कारण अधिकतम तापमान में 24 घंटे के मुकाबले 0.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। हालांकि प्रदेश में बिलासपुर सबसे गर्म रहा। सावन में भी न्यायधानी में गर्मी पड़ रही। विगत एक सप्ताह से अधिकतम तापमान 30 से 34.8 डिग्री के बीच रहा है।
शनिवार को भी यही स्थिति बनी। तापमान में वृद्धि होने के कारण आम जनजीवन काफी प्रभावित रहा है। लालपुर स्थित मौसम वेधशाला के विज्ञानी डा. एचपी चंद्रा के मुताबिक मानसून द्रोणिका हिमालय की तराई में स्थित है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा उत्तर छत्तीसगढ़ और उसके आसपास 1.5 किलोमीटर ऊंचाई पर है। एक उत्तर-दक्षिण द्रोणिका उत्तर छत्तीसगढ़ से तेलंगाना तक 1.5 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है।
एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर 3.1 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। 15 अगस्त को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है।
फिलहाल पेंड्रारोड में भी लगभग इसी तरह की स्थिति है। हालांकि राहत की खबर यह है कि 16 अगस्त से मौसम विभाग ने मौसम में फिर से परिवर्तन होने और बारिश होने की संभावना जताई है।
प्रमुख शहरों का तापमान
शहर अधिकतम न्यूनतम
बिलासपुर 34.6 26
जगदलपुर 30.6 22.2
माना 32.9 26
पेंड्रारोड 31.8 22.5
अंबिकापुर 28.5 225

