देर रात्रि सोते समय सिपाही को करैत सर्प ने काटा सैफई पीजीआई के इमरजेंसी वार्ड में किया गया भर्ती अब हालत स्थिर

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देर रात्रि सोते समय सिपाही को करैत सर्प ने काटा सैफई पीजीआई के इमरजेंसी वार्ड में किया गया भर्ती अब हालत स्थिर
इटावा। जसवंतनगर के अंतर्गत थाना पछायगांव में तैनात एक सिपाही को देर रात्रि लगभग एक बजे चारपाई पर सोते समय एक बेहद जहरीले करैत सर्प ने पेट में काट लिया आनन फानन में उसे सैफई इमरजेंसी ले जाया गया जहाँ कुछ देर बाद ही वह कोमा में चला गया था लेकिन समय से एंटीवेनम डोज देने के बाद अब डॉक्टरों द्वारा उसकी हालत में काफी सुधार बताया जा रहा है। उक्त मामले की जानकारी एसपी सिटी प्रशांत कुमार व सीओ जसवंतनगर राजीव प्रताप सिंह ने दी। सर्पमित्र व वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ आशीष त्रिपाठी के अनुसार इस समय बरसात के समय जब आसपास कोबरा व करैत सर्प ज्यादा ही निकल रहे है तब बेहद ही सावधान रहने की भी आवश्यकता है ये करैत सर्प जब काटता है तो इसके दांत छोटे होने व दर्द न होने के कारण अक्सर सोते समय पता ही नही चलता है और जब हालत बिगड़ती है तब तक काफी देर भी हो जाती है। वही कोबरा के काटने पर सूजन के साथ तेज दर्द भी होता है अतः मेरी जनता से अपील है कि, जब भी कभी ऐसी कोई सर्पदंश की घटना किसी के साथ घटित हो जाये तो पहले काटे गये स्थान पर एक छोटी लकड़ी के साथ हल्का कपड़ा अवश्य बांध दें जिससे कि जहर का प्रभाव एक सीमित जगह पर ही रहे (पेट या गर्दन के मामले में ऐसा नही करना है ) उसके बाद तत्काल ही बिना समय गंवाये ही मरीज को मिनी पीजीआई सैफई के इमरजेंसी वार्ड ले जायें इधर उधर भागने में मरीज का समय व्यर्थ न करें क्यों कि मरीज के पास उस समय बचने के लिये बेहद ही कम समय भी होता है साथ ही कोबरा व करैत का तेज न्यूरोटॉक्सिक जहर रक्त के माध्यम से व पीड़ित की घबराहट से उसके शरीर मे भी तेजी से फैलने लगता है। अतः कृपया इन सभी बातों का विशेष ध्यान रखें।
हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सर्पदंश के राज्य आपदा घोषित होने व पीड़ित को तत्काल एक सप्ताह के अंदर 4 लाख की मुआवजा राशि जिलाधिकारी के माध्यम से उपलब्ध कराने के शासनादेश के बाद भी जनपद में आम जनता हेतु ग्रामीण क्षेत्रो में व जिला चिकित्सालय में सर्पदंश के इलाज के दावे नाकाफी व अपर्याप्त है वहीं किसी ग्रामीण क्षेत्र में कोबरा या करैत सर्प निकलने पर जनपद का वन विभाग भी अपने सीमित संसाधनों का रोना रोकर अक्सर मौन हो जा रहा है मौके पर सर्प को पकड़ने की विभाग के पास कोई ठोस रणनीति ही नही है। बाढ़ क्षेत्र में पीड़ित ग्रामीणों का कहना है की अब ऐसे विषम समय मे किसी खतरनाक सर्प के घर मे घुसे होने पर आम जनता क्या करे उस समय किससे मदद मांगे कोई हेल्पलाइन नंबर भी वन विभाग की तरफ से जारी नही किया गया है या सर्प काट ले तो मरीज को कैसे कम समय मे जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जाये इसकी कोई ठोस व्यवस्था कहीं भी दिखाई नही दे रही है। सर्पमित्र हेल्पलाइन-7017204213

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