Haryana weather update: मानसून ने लिया 6 दिन का ब्रेक, गर्मी के तेवर तल्ख, जानिए कब होगी बारिश
मौसम का अचानक रुख बदल गया है। बारिश पूरी तरह से रुक चुकी है और गर्मी के तेवर तल्ख हो गए हैं। पानीपत का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। जबकि हिसार का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस पहुंचा। हालांकि एक हफ्ते बाद मौसम फिर से बदलेगा और तेज बारिश की संभावना है।
मानसून की अक्षीय रेखा हिमालय की तलहटी की ओर बढ़ रही है। दिल्ली और हरियाणा के कुछ हिस्सों में पछुआ शुष्क हवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं। फिलहाल मानसून टर्फ ट्रांजिशन फेज में है। 11 अगस्त तक मानसून की रेखा हिमालय की तलहटी में पहुंच जाएगी। इस स्थिति को ब्रेक मानसून के रूप में जाना जाता है। आर्द्र पूर्वी हवाएं बदलकर पश्चिम दिशा से चलने वाली गर्म और शुष्क हवाओं में बदल जाती हैं। बरसात रुक जाती है और तापमान बढ़ने लगता है।
इस ब्रेक मानसून के दौरान, उत्तर पश्चिम भारत और मध्य भारत के आसपास के हिस्सों का मौसम शुष्क हो जाएगा। मानसून टर्फ का पूर्वी तेरा भी हिमालय की तलहटी के तरफ बढ़ रहा है, लेकिन उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों और उससे सटे बिहार पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र पूर्वी यूपी, बिहार झारखंड और पश्चिम बंगाल में अच्छी बरसात जारी रखेगा। इसलिए तकनीकी रूप से ब्रेक मानसून देश के उत्तर पश्चिम और उससे सटे मध्य भाग में होगा।
16 के बाद मानसून फिर दक्षिण की ओर बढ़ना शुरू होगा
मौसम विभाग का मानना है कि 15 या 16 अगस्त के बाद, मानसून की अक्षीय रेखा एक बार फिर दक्षिण की ओर बढ़ना शुरू कर देगी। जिससे उत्तरी मैदानी इलाकों के साथ-साथ मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बरसात शुरू हो जाएगी।
ब्रेक मानसून अवधि के दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश की तलहटी और इससे सटे पंजाब और हरियाणा के उत्तरी भागों में भारी बरसात होगी। मानसून के लिए पूरे मानसून अवधि के दौरान एक या दो बार ब्रेक के लिए जाना सामान्य बात है। अगस्त का दूसरा भाग उत्तरी मैदानी इलाकों में बरसात के लिहाज से काफी बेहतर दिखाई दे रहा है। अगस्त दिल्ली एनसीआर सहित उत्तर भारत के लिए सबसे अधिक बारिश वाला महीना होता है। अगस्त की दूसरी छमाही में होने वाली बरसात पहली छमाही में सूखे की भरपाई कर सकती है।

