रवि सिंह ब्यूरो चीफ
गुरुपूर्णिमा पर्व पर गुरु की भूमिका में दिखे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना संकट के दौर में पूरी दुनिया की नजरें भारत पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में अपना देश तमाम विपरित परिस्थितियों एवं आशंकाओं के बीच कोरोना महामारी का सामना करते हुए 136 करोड़ की आबादी के जीवन एवं जीविका की रक्षा कर रहा है। जिस अनुशासन का पालन भारत के सामान्य नागरिकों ने बीमारी के दौरान किया, वह अभिनंदनीय एवं वंदनीय है। सदी की सबसे बड़ी यह महामारी कोई वायरल फीवर नहीं है। इसने पूरी दुनिया को चपेट में ले लिया लेकिन अपने देश के नेतृत्व पर भरोसा कर नागरिकों ने कोरोना गाइडलाइन का अनुपालन किया। भारत की आबादी की एक चौथाई आबादी अमेरिका की है, उनका हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर भी काफी बेहतर है लेकिन वहां भारत से डेढ़ गुना मौते हो जाती हैं।
सीएम योगी शनिवार को गोरखनाथ मंदिर के ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में आयोजित गुरुपूर्णिमा समारोह को संबोधित कर रहे थे। पावन पर्व पर गुरु की भूमिका में दिखे मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बहुत सारे लोगों ने अपने स्वजनों एवं प्रियजनों को खोया है। अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें संबल देने की कोशिश कर रही है लेकिन उन्हें संबल देने के लिए समाज को भी आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर बहुत सारे लोग संकट के समय, उकसाने, भड़काने व हतोत्साहित करने का काम रहे। ऐसे लोग समाज के शुभचिंतक नहीं हो सकते। यह समय संयम से काम लेने और प्रेरणा देने का है। समाज और देश को इस बात को समझना होगा। सीएम योगी ने कहा कि सच्चा मित्र वही है जो मनोबल बढ़ाए, संबल प्रदान करे,न कि हतोत्साहित करे, नकारात्मक सोच बनाए। व्यक्ति हो या समाज हरेक को इस समय प्रोत्साहन की जरूरत है। समाज का संबल कोरोना संक्रमण से प्रभावित परिवारों की निराणा को आशा में बदलने का काम करेगा।
*कोरोना गाइड लाइन का सख्ती से अनुपालन कर बचें तीसरी लहर से*
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपील की कि कोरोना की तीसरी लहर ने कुछ देशों और राज्यों में दस्तक दे दी है। हम कोरोना गाइड लाइन का सख्ती से अनुपालन करेंगे तो तीसरी लहर से बचे रहेंगे। कोरोना का टीका जरूर लगवाएं, यह सुरक्षा कवच है। सीएम ने कहा कि कोरोना से हम हौसले के साथ लड़ेंगे, समर्पण नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अलग अलग समय में कोरोना के अलग अलग रूप दिखाई दिए लेकिन नेतृत्व जब सकारात्मक सोच का होता है तो सरकारात्मक परिणाम भी आता है। पहले टीके बनाने में चार से पांच साल लगते थे लेकिन देश में दो टीके उपलब्ध हो गए। इंफ्रास्ट्रक्चर स्तर पर भी सुधार हुए हैं। तीसरी लहर की आशंका के बीच घर घर दवाएं पहुंचाई जा रही है। दूसरी लहर में आशिंक लॉकडाउन लगाया गया, ताकि जीवन एवं जीविका दोनों चलती रहे, इसलिए जरूरी है कि हम सावधानी बरतें।
*गुरु पूर्णिमा गुरुजनों के प्रति आस्था व्यक्त करने का अवसर*
गोरक्षपीठाधीश्वर ने कहा कि भारत की समृद्ध सनातन परम्परा को हम विभिन्न पर्व एवं त्योहारों के माध्यम से समझ सकते हैं। जो घटनाएं व्यापक परिवर्तन का कारक बनीं, सनातन परम्परा में उसे किसी न किसी पर्व और त्योहार के रूप मान्यता मिली ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा एवं आदर्श प्रस्तुत किया जा सके। ऐसे पर्व त्योहार को हम पीढ़ी दर पीढ़ी उमंग, उत्साह और सात्विकता के साथ धर्म पद का अनुसरण करते हुए मना रहे हैं। भारतीय मनीषा ने माना है कि हमारे जीवन मे माता, पिता, आचार्य, बड़ा भाई और गुरु पांच प्रकार के लोग हैं उन्हें हमें गुरु के रूप में मानते हैं जिनका मार्गदर्शन हमें किसी न किसी रूप में हासिल होता है। ये सभी हमारे कल्याण की चिंता करते हैं। गुरु की परम्परा 5000 वर्षो से गुरु पूर्णिमा के रूप में हम सब मनाते आ रहे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या दुनिया के अंदर क्या किसी सभ्यता एवं संस्कृति के पास पांच हजार वर्षो का लिखित इतिहास है? उन्होंने कहा कि पांच हजार पहले भगवान वेद व्यास ने वेदों की रचना की। उनके जन्मदिन व्यास पूर्णिमा को हम गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाते आ रहे हैं। यह पर्व हमें गुरु परम्परा और अपने गुरु जनों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ एवं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के चित्र पर पुष्पांजिल अर्पित कर शीश नवाया।
