मानसून के असर से बिहार में लगातार बारिश का सिलसिला जून के पहले हफ्ते से ही जारी है। फिलहाल मानसून की ट्रफ लाइन तो बिहार के बगल से गुजर रही है, लेकिन बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण का क्षेत्र बना होने का असर राज्य में भी दिख रहा है। इसके प्रभाव से 48 घंटों में राज्य के कई स्थानों पर बारिश तो कुछ जगहों पर व्रजपात तथा मेघ गर्जन की संभावना है। पटना के मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से किशनगंज, अररिया, सुपौल, मधुबनी, सीतामढ़ी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पटना, नवादा, कैमूर, गया, रोहतास आदि जिलों को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में भी स्थानीय कारणों से एक-दो जगहों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, औरंगाबाद और गया जिले के कुछ इलाकों में बारिश और मेघ गर्जन का तात्कालिक अलर्ट (Weather Nowcast) भी जारी किया गया है।
नदी वाले स्थानों पर भारी बारिश और वज्रपात का रहेगा खतरा
वैसे मानसून की सक्रियता से नदी वाले स्थानों पर भारी बारिश व वज्रपात के आसार अधिक होते हैं। बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। राजधानी व आसपास के क्षेत्रों में रविवार को सुबह से आकाश में बादल छाए रहे। शहर के अलावा विभिन्न जगहों पर हल्के से मध्यम बारिश हुई। राज्य के पूर्वी हिस्से में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई।
जून में औसत से अधिक तो जुलाई में कम हुई थी बारिश
मानसून के कारण बिहार में इस बार जून में औसत से काफी अधिक तो जुलाई में थोड़ी कम बारिश हुई थी। अगस्त के महीने में भी बारिश का छिटपुट सिलसिला जारी है। इससे खरीफ फसल के लिए किसानों को काफी सुविधा इस वर्ष हुई है। हालांकि लगातार बारिश के कारण एक बड़े इलाके को बाढ़ का खतरा भी इस साल समय से पहले झेलना पड़ा।

