इटावा के डिभौली गांव में बाढ़ के कारण घर ढहने से एक परिवार श्मशान घाट में रहने को मज़बूर
ज्ञान सिंह नामक व्यक्ति ने बताया, "हमारा घर कच्चा था, बाढ़ में ढह गया। अब हम यहां श्मशान घाट में रह रहे हैं। श्मशान घाट में रहने पर डर तो लगता है लेकिन हम कहां जाएंगे।" तहसीलदार साहब ने आकर ज्ञान सिंह को शमशान खाली करने को कहा और कहां अगर तुम श्मशान खाली नहीं करोगे तो पुलिस को बुलाकर अभी जेल भिजवा देंगे प्रशासन का यह चेहरा शायद बाढ़ पीड़ितों के लिए नया था कि प्रशासन द्वारा मदद करने की वजह बाढ़ पीड़ित को पुलिस का डर दिखाकर श्मशान घाट से भी खदेड़ दिया गया अब देखना यह है की पीड़ित अपने पुराने टूटे मकान में रहने को मजबूर हो गया है जिसमें दीवारें पूरी तरह से चटक गई है गिर गई हैं अगर कोई पीड़ित के परिवार की जन धन की हानि होती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा??? मामला चकरनगर ब्लॉक के चांदई ग्राम पंचायत का है जहां यमुना में बाढ़ आ जाने के कारण ज्ञान सिंह का परिवार श्मशान घाट में रहने को मजबूर हुआ वही तहसीलदार साहब का यह रवैया देखकर सभी हैरान है

